लगी है आग दिल में यूँ, सनम आँसू बरसते हैं।

विषय-गीत सृजन दिवस,
दिन-रविवार
दिनाँक-11-10-2020

व्हाट्सएप ग्रुप -बिलासा साहित्य धारा में डीपी लहरे द्वारा 

दिए शीर्षक पर गीत
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शीर्षक- लगी है आग दिल में यूँ, सनम आँसू बरसते हैं

1.मेरी तन्हाइयों में तुम, याद बनके सुलगते हो,
  जिस्म खाली हूँ मैं, तुम मेरी जान लगते हो,
  तुझे पाने के लिए लिए हम, दिन-रात तरसते हैं,
    लगी है आग दिल में यूँ, सनम आँसू बरसते हैं।

2 तेरे आने से  मेरी जिंदगी गुलजार हो गयी थी।
खुशियों की आमद  लगातार हो गयी थी।
तुम न हो तो यादों के सर्प मुझ को डसते हैं
लगी है आग दिल में यूँ, सनम आँसू बरसते हैं।

दुनियासे नहीं वास्ता, छाया रहता ख्याल तेरा,
काम कोई भी करूँ मैं, अब दिल लगता नहीं मेरा,
तू ही मेरी मंजिल, मेरी ओर ही जाते सब मेरे रास्ते हैं।
लगी है आग दिल में यूँ, सनम आँसू बरसते हैं।

-आशुतोष साहू,
नारायणपुर जिला बेमेतरा

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