नव वर्ष 2020
आज नव वर्ष है,
लोगों में हर्ष है,
खुशियाँ छाई है,
देते सब बधाई हैं।
फूटते फटाके हैं।
केक कई काटे हैं
बुराइयाँ छोड़ कर,
बेड़ियाँ तोड़ कर,
कसमें सब खा रहे,
नेकी की ओर जा रहे,
तो आओ हम कसम खाएं,
सुरक्षित समाज बनाएं,
नैतिकता को किताबों से,
जीवन में ले आयें,
लड़कियों को घूरें नही,
छेड़ें नहीं, घेरे नहीं,
पुरुष हम जिम्मेदार बनें,
समाज के पहरेदार बनें,
भटकते युवाओं पर,
नशीली दवाओं पर,
अपराध के खरपतवार पर,
नींदानाशक मार कर,
कुचले इनके फन को,
जगाएं जन जन को,
परवरिश मां बाप की,
सिस्टम के इंसाफ की,
कसौटियों पर कसी जाएं,
अपराधी न बरी जाएं,
कानून का भय हो,
पुलिस संवेदनामय हो,
ताकि कोई "निर्भया" न बनें...
ताकि कोई "निर्भया" न बनें...
🖋️©आशुतोष साहू, नारायणपुर
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