ओ जन्म दिन जब तुम आये इस बार..
# ओ जन्मदिन जब तुम आये इस बार.
ओ जन्मदिन,जब तुम आये इस बार,
तब मन मे जग जागा एक विचार,
इतना जीवन जो जिया मैंने?
क्या नेक काम किया मैंने?
क्या सामर्थ्य का, सदुपयोग किया?
क्या निस्सहायों का, सहयोग किया?
क्या सोंच कर, चुप रह गया ?
क्या काम किया, क्या रह गया?
क्या भूल किये ?जो अब न करूँ!
सही काम का ,अब चुना करूँ;
और बेहतर बन सकूँ मैं,
काम और कुछ कर सकूँ मैं
दाता आर्शीवाद देना।
दाता आर्शीवाद देना।
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