लोकतंत्र है
लोकतंत्र है
जनता का जनता पर शासन, लोकतंत्र है।
नेता का मनमोहक भाषण ,लोकतंत्र है।
खुद ही खुद का बढ़ाना वेतन, लोकतंत्र है।
गरीब का आवास और राशन, लोकतंत्र है।
नेता का बेटा बन शासन, लोकतंत्र है।
सहमी सी पुलिस प्रशासन ,लोकतंत्र है।
खुद भत्ता पेंशन पाना, लोकतंत्र है।
कर्मचारीयों को तरसाना,लोकतंत्र है।
वादे वादे बस वादे करना, लोकतंत्र है।
स्वयं जो चाहें वो दे देना, लोकतंत्र है।
कहना कुछ ,कुछ कर जाना, लोकतंत्र है।
कहके सब कुछ मुकर जाना,लोकतंत्र है।
सत्ता पाने का ये बड़ा आसान मंत्र है।
अच्छे अच्छे ख्वाब दिखाना लोकतंत्र है।
संवेदना दिखा, फिर चौकाना,लोकतंत्र है।
अच्छेपन का ढोंग रचाना , लोकतंत्र है।
भावनाओं का जाल बिछाना ,लोकतंत्र है।
ऐसे वैसे जैसे भी,सत्ता पा जाना,लोकतंत्र है।
चुनावों में आरोप लगाना ,लोकतंत्र है।
सत्ता पाकर चुप हो जाना लोकतंत्र है।
नोट का निमंत्रण बन जाना,लोकतंत्र है।
मत का मदिरा में बिक जाना,लोकतंत्र है।
मध्यम वर्ग का कर भरना ,लोक तंत्र है।
अन्ना का आंदोलन धरना ,लोकतंत्र है।
सफेदपोश का बैंक लूटना, लोकतंत्र है।
घोटाले करके साफ छूटना, लोकतंत्र है।
शिक्षक का कर्मी बन जाना लोकतंत्र है।
खुदका वेतन दोगुनी कर जाना, लोकतंत्र है।
अवसरवाद का दुजा नाम , लोकतंत्र है।
दंड-भेद और साम-दाम, लोकतंत्र है।
जनता का धोखा खा जाना, लोकतंत्र है।
खाते खाते आदत पड़ जाना,लोकतंत्र है।
आंदोलन पर कमिटी बिठाना,लोकतंत्र है।
कमिटी का कार्यकाल बढ़ाना, लोकतंत्र है।
नेता बनते ही धन का आना, लोकतंत्र है।
गरीब का और गरीब होते जाना, लोकतंत्र है।
✍️© आशुतोष साहू
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