महावीर स्वामी जी
महावीर स्वामी जी
*इक्ष्वाकु कुल में जन्म लिए,भगवन वर्धमान,
किया तपस्या और पाया ,सुंदर कैवल्य ज्ञान,
*अहिंसा का पवित्र मंत्र विश्वभर में फैलाया।
'जीयों और जीने दो' कह नया सवेरा लाया।
*सत्य हर दृष्टिकोण से, भिन्न भिन्न दिखता है,
मानव को जैसा अनुभव, वो वैसा व्यक्त करता है।
*दूसरे की वस्तुओं पर लालच वश अधिकार करना।
पाप का कारण है यह इसका तुम प्रतिकार करना।
*आवश्कयता से अधिक संग्रह करना भी अनुचित है।आवश्यकता और संग्रह में ,कमी करना नित नित है।
*महावीर जी की शिक्षाएं पूरे भारत की धरोहर है।
मन,जीवन,शासन सब में, उपयोगी और मनोहर है।
©आशुतोष साहू
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