हिंदू नया साल

मैं गुजरा जिधर से, गुलों का साया था,
नया नया हर, दरख़्त नजर आया था।
सरजमी ए हिन्द का नया साल यही है,
जनवरी का नया साल,मन में भरम आया था।

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