टॉमी

# टॉमी मेरा प्यारा कुत्ता
  *टॉमी मेरा प्यारा कुत्ता,
छोड़ गया सबको रोता,
गांव से जब मैं लौट के आता,
मेरे ऊपर तू चढ़ जाता।
चिल्लाता ,प्यार लुटाता।

*कोई जो मेरे घर आता,
सीधे कोई न घुस पाता,
पहले तो आवाज लगाता,
तू जो मेरे घर होता,
होने का तू फर्ज निभाता।

*जब भी मैं रोटी खाता
सामने  आकर बैठ तू जाता
जब मांगता  न पाता ,गुर्राता,
जो देता मजे से खाता, इठलाता
और मैं भी, एक टुकड़ा,
दिए बिना न खाता।

*तेरी मृत काया, जो छोड़ के आया।।
मै पलटा बार बार क्यो, समझ न आया।
तू नही है अब ,दिल मान न पता।
आँख था बरबस भर आता।
तेरी कमी ने ,मुझको आज समझाया।।
तेरा मूल्य हुँ आज , समझ मैं पाया।

* इंसान का सच्चा,साथी है कुत्ता,
वफादारी का दुजा नाम है कुत्ता,
इंसान ना सही तो पर भी
घर में बच्चे सा होता कुत्ता
मर कर तू  गया बता,
क्या था अपना नाता,

~घर मे  मेरे आज शोक अपार था।
मेरे घर का, तू  सच्चा पहरेदार था।

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